Author Archives: ashok

achchha lagegaa..

तुम जो कभी आ कर मिलो, अच्छा लगेगा. हमने माना स्वार्थी हैं लोग सारे कर भरोसा जानता हूँ तुम भी हारे आजमाओ, दिल मेरा सच्चा लगेगा. तुम जो कभी आ कर मिलो, अच्छा लगेगा. याद कर गुज़रा समय संताप होता, … Continue reading

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Lagtaa hai..

ये जहाँ बिखरा हुआ सा लगता है, हर दिल मुझे टूटा हुआ सा लगता है. जानता हूँ तू कोई है अजनबी, फिर भी पहचाना हुआ सा लगता है. दिल को होती है तसल्ली जब कभी, फिर से तू आया हुआ … Continue reading

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use bhool ja

Sung by Nusrat Fateh Ali Khan Saheb कहाँ आ के रुकने थे रास्ते, कहाँ मोड़ था उसे भूल जा वो जो मिल गया उसे याद रख, जो नहीं मिला, उसे भूल जा वो तेरे नसीब की बारिशें किसी और छत … Continue reading

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She Said

“You are my soul-mate”, she said. And I believed, for my own spirit yearned for her, in ways unfathomable to my being, as the moth, pines for the flame, unknowing, but unerring, fatally. “I have feelings for you”, she said. … Continue reading

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zindagi jab bhi teri

जिन्दगी जब भी तेरी बज्म में लाती है हमें ये जमी चाँद से बेहतर नजर आती हैं हमें सुर्ख फूलों से महक उठती हैं दिल की राहें दिन ढले यूँ तेरी आवाज बुलाती हैं हमें याद तेरी कभी दस्तक, कभी … Continue reading

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subah na aai, shaam na aai

खुशी जिसने खोजी वो धन लेके लौटा हंसी जिसने खोजी चमन लेके लौटा मगर प्यार को खोजने जो चला वो न तन लेके लौटा न मन लेके लौटा सुबह ना आई, शाम ना आई (२) जिस दिन तेरी याद ना … Continue reading

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Hsin Hsin Ming

Hsin Hsin Ming: The Book of Nothing The Great Way is not difficult for those who have no preferences. When love and hate are both absent everything becomes clear and undisguised. Make the smallest distinction, however, and heaven and earth … Continue reading

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tere pyar ko..

तेरे प्यार को इस तरह से भुलाना न दिल चाहता है न हम चाहते हैं जो सच था उसे इक फ़साना बनाना न दिल चाहता है … वो मासूम सूरत भोली निगाहें रहेंगी सदा दिल में आबाद होकर न पूरी … Continue reading

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A Nazm

कई बार इक एहसास सा हुआ मुझको कि निज़ात तेरे गम से मिल गई शायद. वो चाक-गरेबाँ हो या शिकस्ता-दिल, किसी धागे से हर दरार सिल गई शायद. आती है तेरी याद भी अब कुछ कम, मसरूफि़यत मेरे मन को … Continue reading

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Deewaane Nikale….

निकले तो सही, तेरे बहाने निकले, आज फिर कुछ दर्द पुराने निकले. जब जब लगा कि भूल सा गया तुझको, अब्रो-माह तेरी याद दिलाने निकले. (अब्रो-माह = clouds and moon) वो वस्ल के लम्हात कितनी शिद्दत से, याद आये जब … Continue reading

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