Bahaane ko..

झुकी नज़र की पशेमानी हम पे ज़ाहिर है,
हटाओ जाने दो, रहने भी दो बहाने को.

(पशेमानी – Remorse)

तेरे अहद की हम अस्लियत समझते हैं,
हटाओ जाने दो, रहने भी दो बहाने को.

(अहद – Promise)

न कर सके वादा वफ़ा तो क्या गम है,
हटाओ जाने दो, रहने भी दो बहाने को.

ज़फा की कैफियत मांगी नहीं कभी तुमसे,
हटाओ जाने दो, रहने भी दो बहाने को.

कोई इस क़दर मसरूफ हो नहीं सकता,
हटाओ जाने दो, रहने भी दो बहाने को.

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