bhool kar bhi..

दिलो-जाँ में इस तरह से बसाए तुझको,
गोया भूल कर भी भूल न पाए तुझको,

तुझे देख मेरा दिल संभल नहीं पाता,
मेरी बज़्म में कोई न बुलाए तुझको.

तू तो जानकर अनजान बना बैठा है,
अब कौन दिल का हाल बताए तुझको

तेरे कानों में होगी गूँजती ये ख़ामोशी,
मेरी तरह न कभी कोई बुलाए तुझको.

तेरा संगे-दिल कायम रहे क़यामत तक,
खुदा करे न कभी इश्क सताए तुझको.

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