gaye jab se tum hameN chhod ke…

मुझे याद आता है रात दिन
तेरे संग गुज़रा हरेक पल

गए जब से तुम हमें छोड़ के
हर राह सूनी हो गयी,
नहीं चैन मुझको कहीं मिला
सहरा हो या कोई रंगमहल.

मुझे याद आता है रात दिन
तेरे संग गुज़रा हरेक पल

अब हाथ मेरा थाम लो,
अब और न चल पायेंगे,
अब जो गिरे न उठेंगे हम
देखो थक गए हैं संभल संभल.

मुझे याद आता है रात दिन
तेरे संग गुज़रा हरेक पल

कभी तुम भी हमको पुकार लो,
या इक सदा से नवाज़ दो,
तो ये ठोकरें खाए कदम
कुछ देर को जाएँ सम्भल

मुझे याद आता है रात दिन
तेरे संग गुज़रा हरेक पल

तेरी इक सदा मेरे नाम की,
या इक निगाह मेरी तरफ,
फिर से खिला देगी मेरा
सूखा हुआ दिल का कँवल.

मुझे याद आता है रात दिन
तेरे संग गुज़रा हरेक पल

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