Kabhii Kabhii

हो अयाँ गर आपकी चाहत कभी कभी,
मिलती रहे इस दिल को भी राहत कभी कभी.

(अयाँ = Clear, getting manifested)

मिलती है जब फुर्सत हमें अमले-ए-गुनाह से,
तो कर लिया करते हैं इबादत कभी कभी.

(अमले-ए-गुनाह = Deeds/acts of sin, इबादत = worship)

माना के आजकल बहुत मसरूफ हैं लेकिन,
कुछ तो निभाएं रस्म-ए-रफाकत कभी कभी.

(रफ़ाक़त = Friendship/Companionship, मसरूफ = Busy)

फरिश्ता नहीं इन्सान हूँ, ये भूल न जाऊं,
ग़ुरूर पर आती रहे आफत कभी कभी.

ज़ख्म तूने ही दिए गहरे मगर फिर भी,
करता है ये दिल तेरी हिमायत कभी कभी.

दुनिया में बे-ख़ता नहीं कोई मुआफ़ कर,
“अशोक” भी करता है हिमाक़त कभी कभी.

Funny or light hearted couplets:

पा कर उन्हें क्या हाल है ना पूछिए ज़नाब,
हम भेजते हैं खुद पे भी लानत कभी कभी.

बेशक उड़ायें आप सुबह-ओ-शाम गुलछर्रे,
पर दीजिये हमको भी तो दावत कभी कभी.

सुनते हैं जब कि आपने अकेले ऐश की,
हम भेजते हैं आप पर लानत कभी कभी.

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