Maykhaanaa…

ये आ गया हूँ दूर किस वीराने में,
चला था ढूँढने छोटा सा कोई मयखाना

गुजरी है क्या न पूछो सुन न पाओगे,
नहीं आसान दर्द मेरे जितना सह पाना.

मज़ा है दर्द-ए-दिल के साथ हँस के जीने में,
बड़ा आसान है वरना तड़प के मर जाना.

तुम्हे डर है कि तुम हो जाओ न रुसवा लेकिन,
जियेगा कैसे तेरे बिन ये तेरा परवाना.

तुझे मालूम ही नहीं कि तेरी चाहत में,
क्या क्या ज़िल्लतें सहता है तेरा दीवाना.

तुम्हे फिर देखने की इक उम्मीद बाक़ी है
हुआ नहीं है अभी ख़ाक तेरा परवाना

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