zindagi ke mod par hum tum mile aur kho gaye

ज़िन्दगी के मोड़ पर हम तुम मिले और खो गए,
अजनबी थे और फिर हम अजनबी से हो गए.
ज़िन्दगी के मोड़ पर…

पल दो पल जज़्बात की, लहरों में कितना जोश था,
एक ज़रा सी देर में तूफाँ के धारे सो गए.
ज़िन्दगी के मोड़ पर हम तुम मिले और खो गए,
ज़िन्दगी के मोड़ पर…

दिल के हर एक तार में, क्या जानिये क्या सोज़ है,
साज़ छेड़ा और सभी नगमे परेशाँ हो गए,
ज़िन्दगी के मोड़ पर हम तुम मिले और खो गए,
ज़िन्दगी के मोड़ पर…

जिस कदर नज़दीक आये, फासले बढ़ते गए,
दो मुसाफिर अपनी मंजिल पर पहुँच कर खो गए,

ज़िन्दगी के मोड़ पर हम तुम मिले और खो गए,
अजनबी थे और फिर हम अजनबी से हो गए.
ज़िन्दगी के मोड़ पर…

This entry was posted in Songs. Bookmark the permalink.

Leave a Reply